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हरियाणा का ऐतिहासिक किला जो अपने अंदर हजारो साल साल पुराना इतिहास समेटे हुए हैं

हरियाणा भारत का एक ऐतिहासिक प्रदेश हैं हरियाणा में बहुत सारे ऐसे पोराणिक स्थल हैं जो देश दुनिया में मशहूर हैं लेकिन आज हम आपको आज हरियाणा के एक ऐसे किले के बारे में बतायेंगे जो हरियाणा में हजारो साल पुराना इतिहास समेटे हुए हैं. तो चलिए आपको आज रूबरू करवाते हैं हरियाणा के एक ऐतिहासिक किले से.

असीगढ़ किला – पृथ्वीराज चौहान का किला

असीगढ़ किला हरियाणा के हिसार के हांसी में हैं इसे हांसी के किले के नाम से भी जाना जाता हैं. इसका निर्माण पृथ्वीराज चौहान के परिवार ने करवाया था. ये किला लगभग 30 एकड़ में फैला हुआ हैं. पृथ्वीराज चौहान के परिवार ने मुग़ल शासकों से रक्षा के लिए इस किले का निर्माण करवाया था लेकिन इस पर मुगल शासको ने कब्जा कर लिया था बाद में इस किले में एक मस्जिद का निर्माण भी करवाया गया था. इस किले का निर्माण 12 वीं शताब्दी में करवाया गया था. फ़िलहाल इस किले का अनुरक्षण भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग के अधीन है. यह किला पोराणिक काल के सबसे पुराने किलो में से एक हैं. अगर आप इसे देखकर आना चाहते हैं तो इस किले में एंट्री सुबह 8 बजे से शुरू हो जाती हैं और किला शाम को 6 बजे तक खुलता हैं. सोमवार के दिन इस किले में छुट्टी रहती है.

इस विशाल किले { दुर्ग } का निर्माण दिल्ली के आखिरी हिन्दू शासक एवं पृथ्वीराज चौहान के चचेरे चाचा राय पीथोरा द्वारा करवाया गया. ऐसा कहा जाता है कि यह दुर्ग पृथ्वीराज चोहान को भेंट स्वरूप् मिला था, जिसे बाद में मोहम्मद गोरी द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था. 1857 में ब्रिटिश सेना की यह छावनी और जेल थी. हिसार जिले में 1857 की जनक्रांति का बिगुल सर्वप्रथम 29 मई को हांसी में बजा था. सन् 1982 में इस किले से जैन तीर्थाकरों की 57 अष्ट धातुओं से बनी प्रतिमाएं प्राप्त हुई थी.

30 एकड़ में फैले इस किले की उचाई 52 फीट हैं यह किला अपने अंदर पोराणिक समय के हजारो साल पुराने इतिहास को समेटे हुए हैं अगर आप इस किले को देखना चाहते हैं तो हिसार की सरकारी वेबसाइट https://hisar.gov.in/ से पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं,






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