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सुप्रीम कोर्ट ने दिया अयोध्या फैसला, राम जन्मभूमि पर ही बनेगा राम मंदिर और अलग जमीन मस्जित को मिलेगी

Ram Mandir Ayodhya News

अयोध्या राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद Case में Supreme Court अपना बहुप्रतीक्षित फैसला शनिवार सुबह साढ़े 10.30 बजे सुना दिया गया है। शीर्ष न्यायालय की वेबसाइट पर एक नोटिस के ज़रिये शुक्रवार शाम को इस बाबत जानकारी दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने 16 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी।

अब शनिवार 9 नवंबर की सुबह अयोध्या केस का फैसला आने का तीन था। पूरा देश अपना दिन थाम कर मीडिया रिपोर्ट्स पर टकटकी लगाए बैठ गया। अब आज का दिन भारत के इतिहास में दर्ज़ हो चूका है, क्योंकि अरोध्य कई का फैसला कोर्ट ने दे दिया। अब अयोध्या में राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने से देश में ख़ुशी की लहार है सिवाए कुछ चरमपंथी लोगो और गुटों को छोड़ दिया जाये तो सभी इस फैसले से राज़ी दिखाई दे रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने जज गोगई ने सिया बफ्फ बोर्ड की अर्ज़ी खारिज कर दी और कहा की सारे सबूतों और बहस के बाद यह पाया गया की उस स्थान पर राम मंदिर था और हिंदुयों की आस्था भी ऐसा कहती है। जज ने कहा की हिन्दू मान्यताओं के अनुसार अयोध्या भगवान् राम की जन्म भूमी है। अयोध्या में विवादित भूमी पर राम मंदिर बनेगा और कोर्ट ने अयोध्या में ही दूसरे स्थान पर 5 एकड़ जमील मस्जित बनाने भी दी है।

सुप्रीम कोर्ट कहा की इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मुसलमानों ने मस्जिद को छोड़ दिया। हिंदुओं का मानना था कि भगवान राम की जन्मस्थली मस्जिद के भीतरी प्रांगण में थी। स्पष्ट रूप से पाया गया कि मुसलमानों ने आंतरिक आंगन के अंदर प्रार्थना की और हिंदुओं ने बाहरी आंगन में प्रार्थना की थी। इस बात के प्रमाण हैं कि अंग्रेजों के आने से पहले राम चबूतरा, सीता रसोई की पूजा हिंदुओं द्वारा की जाती थी। अभिलेखों में साक्ष्य से पता चलता है कि हिंदू विवादित भूमि के बाहरी लोगो के कब्जे में थी।

आपको बता दें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश गोगोई पहले ही कह चुके थे कि वह रिटायर होने से पहले इस विवादित मामले में आखिरी निर्णय देना चाहते हैं। न्यायाधीश गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे है।






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