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हरियाणा की विकास राणा , शोभा बनावाला और अंकुश कसाना ने नही किया माउंट एवरेस्ट फतह, मीडिया को दी थी फर्जी जानकारी पढिये पूरी रिपोर्ट

हरियाणा के तीन पर्वतारोही ने कुछ दिन पहले दावा किया की उन्होंने दुनिया की सबसे उची चोटी को फतह कर लिया हैं. देश लोटने पर उनका स्वागत हुआ जैसी जानकारी उन्होंने मीडिया को दी मीडिया ने भी उनके सम्मान में न्यूज़ आर्टिकल पब्लिश किये लेकिन अब एक अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़ वैबसाईट ने अपनी रिसर्च से साबित कर दिया हैं की उन्होंने माउंट एवरेस्ट फतह नही किया. ये तीनो पर्वतारोही तीसरे कैंप में पहुचने से पहले भाग गये थे. माउंट एवरेस्ट फतह करने के लिए पांच कैंप से गुजरना पड़ता हैं.

क्या हैं पूरा मामला ?

हरियाणा के तीन पर्वतारोही ने बीते दिनों देश लोटकर दावा किया की उन्होंने दुनिया की सबसे उची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर लिया हैं. इन पर्वतारोही के नाम हरियाणा के जींद जिले के सुदकैन खुर्द गांव के विकास राणा, कैथल जिले की करौरा निवासी शोभा बनवाला और हरियाणा के हिसार जिले के लालपुरा के अंकुश कसाना हैं. एक अंतर्राष्टीय न्यूज़ वेबसाईट ने thehimalayantimes.com ने अपनी रिसर्च जांच में साबित किया की इन तीनो ने माउंट एवरेस्ट फतह नही किया ये तीनो पर्वतारोही तीसरे कैंप में पहुचने से पहले भाग गये थे. माउंट एवरेस्ट फतह करने के लिए पांच कैंप से गुजरना पड़ता हैं.

दी हिमालय टाइम्स ने अपनी रिसर्च में आगे लिखा की पर्वतारोहियों ने कहा कि नकली दावे किए गए थे क्योंकि वे इस वसंत के मौसम में दक्षिण क्षेत्र में नहीं आए थे, जो मार्च से मई तक चलता था, प्रेस्टीज एडवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, डंबर पराजुली ने कहा। पर्वतारोही प्रेस्टीज एडवेंचर्स द्वारा संचालित आठ सदस्यीय अभियान का हिस्सा थे. 26 मई को दोपहर 12:30 बजे के करीब बेस कैंप में हम उनसे मिले, जिस दिन हरियाणा के पर्वतारोहियों ने माउंट एवरेस्ट को फतह करने का दावा किया था, “एक उच्च ऊंचाई वाले पर्वतारोही शेरपा ने कहा कि यह उतरने की संभावना नहीं थी। समिट प्वाइंट से बेस कैंप एक-दो घंटे में. पर्यटन विभाग से उम्मीद की जा रही थी कि अगले दो हफ्तों में हमारे समिट सर्टिफिकेट जारी कर दिए जाएं, 21 साल की बनवाला ने कहा कि चार शेरपा गाइड के साथ वे एकमात्र पर्वतारोही थे जिन्होंने 26 मई को माउंट एवरेस्ट की चोटी पर इसे बनाया था. शेरपा के नाम के बारे में, जो उनके साथ शीर्ष पर थे, पर्वतारोहियों ने साझा करने से इनकार कर दिया. बनवाला ने कहा, “हम उनका नाम नहीं जानते हैं।” उन्होंने अपनी शिखर तस्वीरें साझा करने से भी इनकार कर दिया. साथ ही बताया गया की मोहिनी नेहरा को दुसरे कैंप से रस्कू किया गया था मोहिनी भी माउंट एवरेस्ट फतह नही किया.

आपको बता दे की दी हिमालय टाइम्स ने अपनी जांच और अन्य लोगो से और पर्वतारोहीयो से बातचीत कर इन तीनो पर्वतारोही के माउंट एवरेस्ट फतह करने की जानकारी जुटाई और जांच रिपोर्ट में सामने आया की ये तीनो पर्वतारोही तीसरे कैंप में जाने से पहले ही वापिस आ गये थे. इन तीन हरियाणा के कथित पर्वतारोही ने हरियाणा के और देश के मीडिया को गुमराह किया हैं साथ की साथ देश की जनता को भी मुर्ख बनाया है. आपको बता दे की विकास राणा और शोभा ने हमे भी गलत जानकारी दी थी.






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